साउथ कैंपस में छात्रों का नया अनुभव, पुलिस मित्र बनकर कर रही मदद

साउथ कैंपस में छात्रों का नया अनुभव, पुलिस मित्र बनकर कर रही मदद

पुलिस का मतलब स्कूली छात्रों के लिए चोर को पकड़ने वाला और अपराधियों को हवालात में पहुंचाने वाला रहता है। लेकिन इस बार जब देश के विभिन्न हिस्सों से 12वीं पास करने वाले छात्र प्रवेश के लिए साउथ कैंपस पहुंचे तो उनके लिए पुलिस का एक नया चेहरा और अनुभव सामने आया। यहां पर पुलिस की ओर से 6 बूथ लगाए गए हैं, इनमें बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियां हैं, जहां पर पुलिस छात्रों की मित्र और मददगार के रूप में तैनात हैं। ये पुलिसकर्मी न केवल छात्रोंं की प्रवेश संबंधी समस्या सुलझा रहे हैं बल्कि छात्राओं की शिकायत पर ऐसे युवकों को भी पकड़ रही है जो प्रवेश लेने आई लड़कियों को तंग कर रहे हैं या फिर उन पर फब्ती कस रहे हैं। खास बात यह है कि ये बूथ ऐसे स्थानों पर लगाए गए हैं जहां पर इनकी वास्तविक रूप से जरूरत है। एक छात्रा अमूल्या दवे ने कहा कि उन्हें और उनकी सहेलियों को यह देखकर काफी सुरक्षा का भाव महसूस हुआ कि स्थानीय एसीपी और थानाध्यक्ष भी लगातार कैंपस में छात्रों के बीच घूम रहे हैं। यह माहौल अगर लगातार रहेगा तो निश्चित तौर पर कैंपस काफी सुरक्षित होगा।
नई दिल्ली रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त अजय चौधरी ने कहा कि जिला पुलिस उपायुक्त मिलिंद डुमरे, एसीपी राजेंद्र भाटिया, एसएचओ अनंत कुमार गुंजन की टीम ने सााउथ कैंपस के सभी कॉलेजों का निरीक्षण कर यहां पर 6 बूथ—कैंप स्थापित किये हैं। जहां पर छात्र अपनी समस्या, शिकायत या सुझाव लेकर आ सकते हैं। साउथ कैंपस और आरके पुलिस थाना के 60 से अधिक पुलिसकर्मियों को यहां पर तैनात किया गया है। खासकर इसमें बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है, जिससे छात्राएं उनसे अपनी शिकायत, समस्या साझा कर पाएं। दिल्ली विश्वविद्यालय में क्योंकि अधिकतर छात्र बाहर से आते हैं, ऐसे में हमारा प्रयास है कि उन्हें यहां पर सुरक्षा का भाव हासिल हो। पुलिस छात्रों के साथ है और उनकी मित्र है, इस भावना को स्थापित करने के लिए यहां पर ये बूथ बनाए गए हैं। इसके नतीजे भी उत्साहजनक हैं। सैकड़ों छात्र हर दिन यहां पर सहायता के लिए आ रहे हैं।
अजय चौधरी ने कहा कि इस कार्य की निगरानी स्वयं स्थानीय एसीपी राजेंद्र भाटिया और थानाध्यक्ष अनंत कुमार गुंजन कर रहे हैं और इसको लेकर जिला पुलिस उपायुक्त मिलिंद डुमरे भी लगातार जानकारी हासिल करते रहते हैं। ऐसे में हमें उम्मीद है कि नए छात्र न केवल अपने को सुरक्षित बल्कि आपाधापी से निश्चित भी महसूस कर रहे होंगे। एक छात्र प्रवीन ने कहा कि इन बूथों पर सबसे खास बात यह देखने को मिल रही है कि प्रवेश और छात्रावास के अलावा यहां पर मौजूद पुलिसकर्मी निजी घरों को किराये पर लेने के दौरान बरती जाने वाली सावधानी को लेकर भी जानकारी साझा कर रहे हैं। जब हमनें एसीपी राजेंद्र भाटिया से मुलाकात की तो उन्होंने हमें   थानाध्यक्ष अनंत कुमार गुंजन से मिलाया और अपना और उनका नंबर भी साझा किया। ऐसे में अब हमारे पास इन दो वरिष्ठ अधिकारियों के नंबर है। जिससे हमें ऐसा  लगता है कि कुछ भी  गलत होने पर हम इनसे बात कर सकते हैं। अगर कहीं हमें कोई अपराध या गलत घटना होती दिखती है तो हम उस स्थिति में भी पुलिस को सूचना देकर पुलिस की मदद कर सकते हैं।

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