Saturday, 26 May 2018

कांग्रेसी नेता के बेटे का अपहरण कर फिरौती लेने वाले तीन बदमाश  द्वारका में शूटआउट के बाद  गिरफ्तार

कांग्रेसी नेता के बेटे का अपहरण कर फिरौती लेने वाले तीन बदमाश  द्वारका में शूटआउट के बाद  गिरफ्तार
Rajesh Thakur / Ajay Singh, southdelhinews.com
कांग्रेस से पूर्व निगम पार्षद के बेटे को अगवा करने में शामिल तीन बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें से एक को ट्रैप लगाकर और दो को देर रात द्वारका इलाके में शूटआउट के बाद बुधवार को दबोचा गया। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए बदमाशों में से एक दिल्ली के टॉप टेन में शामिल है। आरोपियों की पहचान मंजीत डबास (32), अरशु शौकीन (30) और भगत (30) के तौर पर हुई है। पुलिस ने इनके पास से दो पिस्टल भी बरामद की हैं। यह तीन टोल प्लाजा पर काम करते थे, जिस महेश ठेकेदार के संपर्क में आकर ये अपराधी बने पुलिस को अब उसकी तलाश है।
दिल्ली पुलिस ने बदमाश मंजीत डबास पर एक लाख रुपए और अन्य दो पर 50-50 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। इस केस की तफ्तीश क्राइम ब्रांच के पास थी। क्राइम ब्रांच इस मामले में जांच के दौरान इससे पहले चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। ये चारों अपहरण की वारदात में शामिल थे।
स्पेशल सेल डीसीपी संजीव यादव ने बताया बुद्ध विहार के रहने वाले पूर्व कांग्रेसी पार्षद शंभू शर्मा के बीस वर्षीय बेटे कार्तिक शर्मा को 27 सितंबर 2016 को नेताजी सुभाष प्लेस इलाके से अगवा कर लिया गया था। बदमाशों ने ट्रैफिक पुलिस और सिविल डिफेन्स की खाकी वर्दी पहन रखी थी। इस वारदात के बाद कार्तिक के पिता से 50 करोड़ फिरौती की मांंग की गई थी। बाद में सौदाबाजी 2 करोड़ में तय हुई। एक करोड़ रुपए शंभू शर्मा ने बदमाशों को दे दिए और बाकी एक करोड़ की रकम रिहाई के बाद किश्त पर देने का वादा किया। बदमाशों ने तीन अक्टूबर को कार्तिक को गुड़गांव में छोड़ दिया।
स्पेशल सेल के सहायक पुलिस आयुक्त अखिलेश यादव की टीम इन बदमाशों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी थी। अरशु शौकीन के बारे में मिली जानकारी पर 9 मई की दोपहर डेढ़ बजे उसे गुड़गांव रोड, झज्जर में ट्रैप लगाकर दबोच लिया गया। वह कार में सवार था। इससे हुई पूछताछ के बाद मनजीत डबास और भगत के बारे में सूचना मिली। पता लगा कि वे द्वारका इलाके में रात को बाइक से आएंगे। सेक्टर 23 में पुलिस ने रात करीब साढ़े बारह बजे इन दोनों को पकड़ने का प्रयास किया। बचने के लिए बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। एक गोली पुलिसकर्मी की बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगी। पुलिस ने भी जवाब में गोली चलाई और दोनों बदमाशों को वहीं दबोच लिया।
तीन में से दो अपराधी स्नातक तक हैं पढ़ें
मंजीत डबास (32) ने दिल्ली से स्नातक की पढ़ाई की और उसके बाद उसने ग्वालियर से बीएड की डिग्री ली। बाद में उसने सिविल डिफेंस जॉइन कर ली। कंझावला पुलिस उसे जघन्य अपराध में पहले भी गिरफ्तार कर चुकी है। जेल से छूटने के बाद उसने टोल प्लाजा पर काम शुरू किया। वह महेश ठेकेदार के अधीन था। यहां वह महेश के साथ जुड़ गया और अापराधिक वारदात करने लगा।
अरशु शौकीन (30) ने भी स्नातक तक पढ़ाई कर रखी है। वह पहले रिलायंस लाइफ इंश्योरेंस में नौकरी करता था। बेरोजगार होने पर वह भी कुछ साल पहले टोल प्लाजा के महेश ठेकेदार के साथ जुड़ गया।
तीसरा आरोपी तीस वर्षीय भगत भी महेश के अधीन ही टोल प्लाजा पर काम करता था। वह आठवीं तक पढ़ा है। अब पुलिस को इस केस में महेश ठेकेदार की तलाश है, जिसकी गिरफ्तारी पर दो लाख रुपए का इनाम रखा हुआ है।
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