प्रहरी योजना में चौकीदार बनेंगे पुलिस के साथी— हर्षवर्धन, एडिशनल डीसीपी, साउथ—ईस्ट पुलिस

दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक ने हाल ही में दक्षिणी—पूर्वी जिला में प्रहरी योजना Prahri Scheme की शुरूआत की है। योजना के तहत इलाके के चौकीदारों और गार्ड को पुलिस का साथी बनाते हुए उनके सहयोग से अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने का प्रयास किया जाएगा।  southdelhinews.com के  Ajay Singh ने इस योजना और इलाके से संबंधित अन्य प्रमुख बिंदुओं को लेकर Delhi Police के South Delhi district के additional DCP Harshwardhan से बातचीत की। हमारे पाठकों के लिए प्रमुख अंश
प्रश्न: यह योजना क्या है। इसका क्या लाभ होगा। 
उत्तर: योजना का नाम प्रहरी है। इसकी शुरूआत स्वयं दिल्ली पुलिस के कमिश्नर अमूल्य पटनायक जी ने की है। इसके अंतर्गत हम जिला भर में कार्यरत चौकीदारों—सिक्यूरिटी गार्ड को प्रशिक्षित करेंगे की किस तरह से विपरीत परिस्थितियों में भी संयम बनाते हुए किसी भी स्थिति से निपटा जा सकता है। हम चौकीदारों और सिक्यूरिटी गार्ड को लेकर स्थापित सामाजिक सोच बदलने का भी प्रयास करेंगे। जिससे पुलिस और ये वर्ग मिलकर कदमताल कर सकें। इलाके के लोगों को एक सुरक्षित जीवन देने में अपनी भूमिका अदा कर पाएं।
प्रश्न: योजना के तहत कितने सिक्यूरिटी गार्ड और चौकीदारों का पंजीकरण अभी तक हुआ है।
उत्तर: योजना के तहत करीब 1700 से अधिक पंजीकरण हुए हैं। हम इन सभी को एक रिफलेक्टिव जैकेट, टॉर्च, सीटी के साथ ही एक बुकलेट दे रहे हैं। जिसमें यह बताया गया है कि उन्हें  क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए। इन्हें संदिग्ध पर नजर रखने के साथ ही अचानक से किसी अपराधी से मुठभेड़ हो जाने पर स्थिति से निपटने को लेकर प्रशिक्षण—शिक्षा दी जाएगी। इलाके के संबंधित पुलिस अफसरों से इनकी नियमित मुलाकात और ट्रेनिंग को लेकर भी कार्य किया जाएगा। 
प्रश्न:वाहन चोरी बड़ी समस्या बनती जा रही है। उससे कैसे निपटेंगे। 
उत्तर: हम पुराने वाहन चोरों पर नजर रख रहे हैं। इसके अलावा औचक चेकिंग को बढ़ाया जा रहा है। प्रहरी योजना में शामिल चौकीदारों और सिक्यूरिटी गार्ड को भी संभावित चोरी रोकने को लेकर विभिन्न बिंदुओं से अवगत कराया जा रहा है। हम सभी वाहन मालिकों से भी अपील करते हैं कि वे अपनी गाड़ियों में जीपीएस और गियर लॉक जरूर लगवाएं  क्योंकि ऐसी गाड़ियों को चोरी करने में समय लगता है और इस वजह से वाहन चोर ऐसी गाड़ियों को आम तौर पर निशाना नहीं बनाते हैं। 
प्रश्न: रोड—रेज की घटनाएं भी बढ़ रही है। आपका इलाका काफी सघन होने के साथ ही कई इंडस्ट्रीयल एरिया वाला भी है। यहां पर आए दिन इस तरह की घटनाएं होती हैं। उसको लेकर क्या कदम उठाए जा रहे हैं। 
उत्तर: इसको लेकर पुलिस की सलाह यही है कि अगर कहीं पर आपके साथ कुछ घटना होती है तो अपना आपा न खोएं। अपना बर्ताव संतुलित रखें। अगर आपको लगता है कि स्थिति हाथ से निकल रही है। सामने वाला उग्र हो रहा है तो नजदीकी पुलिस स्टेशन जाएं या फिर पुलिस कंट्रोल रूम को फोन करे। कानून अपने हाथ में न लें। 
प्रश्न: कम्युनिटी पुलिस का कानून—व्यवस्था में बड़ी भूमिका होती है। उसको  लेकर क्या कर रहे हैं। 
उत्तर: थाना पुलिस और इलाके के एसीपी लगातार स्थानीय रेजीडेंट वैलफेयर एसोसियेशन और मार्केट एसोसियेशन के साथ संपर्क में रहती है। उनके साथ मोहल्ला—मार्केट में बैठक करती है। लोगों से कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर जानकारी हासिल की जाती है। अगर कहीं से कोई सुझाव या शिकायत आती है तो उसके अनुरूप कदम उठाए जाते हैं। 
प्रश्न: दक्षिणी—पूर्वी जिला में बच्चों के खोने की समस्या भी समय—समय पर सामने आती रहती है। इसको लेकर क्या एतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। 
उत्तर: बच्चों की गुमशुदगी के मामलों में हम बिना किसी देरी के मामला दर्ज करने के साथ ही जांच शुरू कर देते हैं। ऐसे मामलों में किसी तरह की देरी नहीं करने के निर्देश सभी थाना पुलिस को दिए गए हैं। कई मामलों में यह समस्या आती है कि परिजनों के पास बच्चों की तस्वीर तक नहीं होती है। खासकर ऐसे मामले अनाधिकृत—जेजे कालोनी में आते हैं जहां परिजनो के पास उनके बच्चों के फोटो नहीं होते हैं। हम लगातार अभिभावकों को सलाह देते हैं कि बच्चों पर निगाह बनाए रखें। उन्हें किसी भी अजनबी के साथ न जाने दें। अगर कभी भी कोई अजनबी आपके बच्चे के आसपास दिखता है, उससे बातचीत करता है तो सतर्क रहें। स्थानीय आरडब्ल्यूए के साथ सहयोग से भी इसको लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाता है। 

print

Post Author: admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *