“कृष्णा से प्रार्थना “

“कृष्णा से प्रार्थना ” “हास्य व् व्यंग रचना ” भूले से भी तुम मत आना , भारत में गिरधारी। सच कहता हूँ गिरिवर नागर, इस बार पड़ेगी भारी। दूध -दही माखन है नकली , नकली दुनिया सारी , भूले से भी तुम मत आना , भारत में गिरधारी।   घर -घर में धृतराष्ट्र यहाँ – हर चेहरे में छुपा  दुर्योधन है। राजनीति और राष्ट्रनीति  में, शकुनि का नया […]